प्यार था या फिर कुछ और
दी ने पू से कराए खर्च खूब
गिफ्ट खींचने का चला दौर
सिनेमा- रेस्तरां के मजे लिए
प्यार किया चूम-घूम कर
झील किनारे बैठा किए
स्मार्टफोन की भी एक बार
दी ने पू से कर ली माँग
'अभी पैसे नहीं करो इंतज़ार '
कुछ दिन पू को था बुखार
कॉलेज नहीं जा सका वो
दी ने कॉल न किया पुछार
पू जब कॉलेज वापस आया
मिला उसको एक बड़ा धक्का
दी को किसी और के पीछे पाया
(बाक़ी है )
Xavier Bage
Sun, July 10, 2016
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